क्या आप Baijnath Mandir से जुड़े रहस्य जानते हैं ?- Baijnath Mandir History

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क्या आप Baijnath Mandir से जुड़े रहस्य जानते हैं ?- Baijnath Mandir History

सनातन धर्म में शिवलिंग    का बहुत महत्ब है l 12 प्रमुख शिवलिंगों में Baijnath Temple प्रमुख है l  धौलाधार की पहाड़ियों से घिरा Baijnath Mandir हज़ारों बर्ष पुराना है l Baijnath Mandir में भगवान शिव    का साक्षात् वास हैl  इस मंदिर से जुड़े अनेको रहस्य हैं l जिनके बारे में आज हम आपको बताएँगे  l

Baijnath  Temple एक ऐसा मंदिर है जो शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है l प्राकर्तिक आपदाओं और आकर्मणो को सहा Baijnath Temple आज भी अपने मूल रूप में बना हुआ है l विनवा नदी    के तट पर बसा यह मंदिर अपने चारों और के प्राकर्तिक सौन्दर्य के लिए काफी प्रसिद्ध है l उत्तर दिशा में बर्फ से ढकी पीर पंजाल की चोटियां और नीचे धौलाधार की हरियाली इस मंदिर का सौंदर्य बड़ा देती है  l

Baijnath Mandir History – बैजनाथ मंदिर का इतिहास

इस मंदिर का सम्बन्ध लंका पति रावण और पांडवों    से भी जुड़ा हुआ है l पौराणिक कथाओं के अनुसार  रावण    ने भगवान शिव    की घोर तपस्या की l तपस्या से प्रसन्न होकर जब भगवान शिव    ने रावण    को वरदान मांगने के लिए कहा है l लंकापति रावण    ने भगवान शिव    को लंका जाने के लिए आग्रह किया l तब भगवान शिव    ने शिवलिंग प्रकट किया और कहा इस शिवलिंग को लंका में रख देना l जहाँ यह शिवलिंग होगा वहीँ पर मेरा वास होगा l परन्तु जहाँ इस शिवलिंग को एक बार रख दोगे उसके पश्चात् यह शिवलिंग    दोबारा नहीं उठेगा l

Baijnath Mandir

जब रावण अपने पुष्पक विमान    से जा रहा था l   तभी रावण    को लघुशंका लगी l तभी इस स्थान पर एक बैजू    नाम का एक गवाला गाय चरा रहा था l उसे रावण    ने शिवलिंग को पकड़ने के लिए कहा l शिवलिंग अतयंत भरी था इसलिए ज्यादा देर तक बैजू    शिवलिंग को पकड़ नहीं सका और उसने इस धरती पर शिवलिंग को रख दिया l रावण    जब वहां पहुंचा और शिवलिंग को उठाने की कोशिश की तो वह असफल रहा l इस बात से दुखी रावण    ने फिर से भगवान शिव की तपस्या शुरू कर दी l इस धरती पर लंका पति रावण    ने अपने दस सिरों    की आहुति दी थी l इसी धरती पर रावण    दशानंद ”  होने का वरदान मिला था  l

पांडवों    ने अज्ञातवास के दौरान काफी समय इस जगह पर बिताया था l कहा जाता है की इस मंदिर का निर्माण भी पांडवों      ने किया था l परन्तु प्राकर्तिक आपदाओं के कारण यह मंदिर काफी नष्ट हो गया था  l इस मंदिर का निर्माण पुन 726 ईश्वी में हुआ l

Baijnath Temple   Story

पुरातत्व शास्त्री के अनुसार कनिंघम    के अनुसार इस मंदिर की स्थापना 726 ईश्वी में हुई थी l Baijnath Mandir  वास्तुकला का अनुपम उदहारण है  l यह मंदिर 51 फ़ीट लम्बा और 31 फ़ीट चौड़ा है l मंदिर की बाहरी दीवारों में अलंकृत मूर्ति शिल्प काफी अदभूत है l वर्तमान मंदिर में लगे दो शिलान्यासों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण मयूँक और अहूक    नाम के दो व्यापारी भाइयों ने नौंवी शताव्दी में किया था l

प्राचीन काल में यहाँ एक दुर्लभ नगर और एक विशाल मंदिर था l जिसे पांडवों ने बनाया था l जिसका जिक्र जालंधर पीठ    और नीलतन्त्र    आदि पुस्तकों में मिलता है l Baijnath Mandir  पर शोध करने वाले प्रसिद्ध लेखक पंडित चुनी लाल शर्मा    ने भी अपनी पुस्तक में इस बात का जिक्र किया है कि इस स्थान पर एक बड़ा नगर और एक विशाल मंदिर था l  जिसे पांडवों ने बनाया था l

Baijnath Mandir History

Baijnath  से चीनी और तुर्किस्तान से हस्तिनापुर मार्ग भी था l नगर के एक कोने पर सेना की छाबनी भी थी l जिसे अब गनखेतर    कहा जाता है l माना जाता है की मंदिर के पश्चिम में प्रबाहित होने वाली Binwa River कभी मंदिर के पूर्व में थी l उस समय शायद कोई बाढ़ या प्राकर्तिक आपदा आई होगी जिससे यह नगर और पांडवों द्वारा बनाया मंदिर और यह नगर धवस्त हो गया था l आज भी मंदिर के पूर्वी भाग में महाकाल    तक के बड़े पत्थर और चट्टानें मिलती हैं l

नौंवीं शताब्दी में फिर से एक भव्य मंदिर बनाया गया था l मंदिर भले ही यहाँ नया हो परन्तु इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग आज भी प्राचीन है l 1905 में आये भीषण भूकंप में भी यह मंदिर बच गया था l इस मंदिर में बानी कलाकृतियों को आज भी कोई कारीगर नहीं बना पाया है l

Baijnath Mandir Se Jude Rahasya

  1. Baijnath Mandir  से जुड़े कई ऐसे रहस्यें हैं l जिन्हे सुन कर आप भी हैरान हो जायेंगे l तो चलिए आपको हम बैजनाथ मंदिर    से जुड़े रहस्यों के बारे में बताते हैं lमंदिर के अंदर शिवलिंग    बहुत गहरा है l  कहा जाता है मंडी के एक राजा ने इस शिवलिंग को यहाँ से ले जाने की कोशिश की थी l परन्तु काफी गहरी खुदाई करने के बाबजूद भी इस शिवलिंग का कोई अंत नहीं मिल पाया था l उल्टा खुदाई करते समय जमीन से निकली अजीब सी मधुमखियों ने आकर्मण कर के मजदूरों को घायल कर दिया था l    इसके बाद राजा ने अपनी गलती मानते हुए शिवलिंग का मखन से श्रृंगार करवाया था l इस घटना के बाद प्रत्येक बर्ष मकरसक्रांति से लेकर सात दिन तक इस शिवलिंग को कई क्विंटल मखन से सजाया जाता है l

बर्ष 2005 में भी इस शिवलिंग की पुरानी जलहरी को बदलने का कार्य किया गया था l तब भी इसकी खुदाई में कई जलहरियाँ सामने आई थी l तथा कई प्राचीन      सिक्के भी मिले थे l उस समय कोई सिक्का निचे गिराने पर उसकी काफी समय बाद आवाज आती थी  l

2. Baijnath में सदियों से कोई भी सुनार की दुकान नहीं है l माना जाता है स्पष्ट रूप से इसका कोई कारण नहीं पता चलता है l परन्तु माना जाता है कि इसका सम्बन्ध लंकापति रावण से है l शिवलिंग स्थापित होने के बाद रावण    ने इस स्थान पर फिर से तपस्या कि थी और अपने दस सर काटे थे l रावण भगवान शिव      के प्रिय भकत थे l 1970 के दशक में 2-3 कारोबारियों ने यहाँ पर दुकाने खोली थी l परन्तु या तो दुकाने जल गई थी या फिर सोना काला पड़ गया था l हालाँकि Baijnath से 2 किलोमीटर दुरी में स्थित Paprola शहर में सुनार कि काफी दुकाने हैं l

3. Baijnath में कई सदियों से दशहरा नहीं मनाया जाता है l तक़रीबन 40 बर्ष पूर्व पहले कुछ लोगों ने दशहरा मनाने कि सोची थी l परन्तु उनके परिवारों में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था l रावण    का दहन करने वाले लोगों कि मौत हो गई थी l यह कारण साफ़-साफ़ बताते हैं कि बैजनाथ मंदिर    का लंकापति रावण से गहरा सम्बन्ध है l Baijnath से Paprola  पैदल मार्ग पर एक छोटा सा मंदिर हैं l जहाँ पर आज भी रावण    के पाँव का निशान मौजूद है  l

4. मंदिर के बाहर बनी भगवान गणेश    कि मूर्ति के पास कई बार एक भूरे रंग के आकर्षक चूहे को देखा गया है l यह कहाँ से आता है और कहाँ चला जाता है lयह कोई नहीं जानता l  इसी प्रकार शिवलिंग के सामने ब ने राधा कृष्ण के छोटे से मंदिर के बाहर भगवान शिव और पार्वती    कि मूर्ति के उप्पर भी कई बार एक छोटे से नाग को देखा गया है  l

5. मंदिर के पुश्तैनी पुजारी का कहना है l कि उनके दादा जा मंदिर खोलने के लिए सुबह जब आते थे l तो मंदिर के बाहर से ॐ नमः शिवाय    बोलते थे और मंदिर के दरवाजे अपने आप खुल जाते थे l

बैजनाथ के आसपास घूमने की जगह

Baijnath एक छोटा सा खूबसूरत शहर है l जहाँ से आप धौलाधार की बर्फ से लद्दी पहाड़ियों को देख सकते हैं l अगर आप बैजनाथ    घूमने के लिए गए हैं तो आप Baijnath के आस पास नीचे दी गई इन जगहों में जरूर जाएँ l

Mahakal Mandir Baijnath

बैजनाथ    से 5 किलोमीटर की दुरी में यह मंदिर स्थित है l इस जगह को Mahakal के नाम से जाना जाता है l महाकाल मंदिर.   काफी प्राचीन है l Mahakal Mandir  में शिवलिंग भगवान शिव के तेज से प्रकट हुआ है l इस शिवलिंग में चढ़ने वाले जल और दूध कहाँ निकालता है इसके बारे में किसी को नहीं पता l इसे जानने के लिए कई लोग कोशिश कर चुके हैं l परन्तु यह रहस्य आज भी वैसा बना हुआ है l इस मंदिर में एक प्राचीन शनि मंदिर भी है l

Mahakal Mandir Baijnath

कहा जाता है की इस मंदिर को पांडवों ने बनाया था l यह मंदिर अघोरी साधको और तंत्र मन्त्र क्रियाओं का केंद्र माना जाता है l इस मंदिर के ठीक सामने एक शमशान घाट है l जहाँ प्रतिदिन किसी न किसी को जलाने के लिए लाया जाता है l अगर किसी दिन किसी को जलाने के लिए न लाया जाए तो इस शमशान घाट में घास का पुतला जलाना पड़ता है l ऐसे और भी बहुत से रहस्य हैं महाकाल मंदिर के,  जिनके बारे में हम अन्य पोस्ट पर आपको डिटेल में बताएँगे l

Mukut Nath Mandir Sansal

बैजनाथ    से 6 किलोमीटर दुरी पर स्थित संसाल    गाँव में भगवान मुकुट नाथ मंदिर स्थित है l इस मंदिर को जालंधर पीठ     के नाम से भी जाना जाता है l  यह मंदिर काफी प्राचीन है l इस मंदिर का सम्बन्ध भी बैजनाथ मंदिर.  से जुड़ा हुआ है इस मंदिर में भगवान शिव.  का शिवलिंग है l जिस पर चांदी का मुकुट है और भगवान मुकुटनाथ.   शिवलिंग को पीले वस्त्रों में लिपटा गया है l

Mukut Nath Mandir Sansal
मुकुट नाथ मंदिर    के दूसरे गर्व गृह में भगवान विष्णु जी अपने जगत पालक रूप में विराजमान हैं यहाँ श्री भगवान विष्णु की शोभा देखते ही बनती है  l इसके अलावा इस मंदिर में माँ पार्वती, भगवान गणेश, संतोषी माता की भी मूर्तियां हैं  l

Simsa Mata Mandir Baijnath

Simsa Mata Mandir

Baijnath  से 28 किलोमीटर दुरी पर स्थित सिमसा माँ    का मंदिर है l Baijnath  से इस मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 1 घंटे का समय लग जाता है l यह मंदिर औलाद ही इच्छा रखने वालों के लिए बहुत प्रसिद्ध है l इस मंदिर में प्रतिदिन कई श्रद्धालु आते हैं l माना जाता है की जिस औरत को बच्चे नहीं होते हैं l वह औरतें माता के दरवार में पूजा करती हैं l उन्हें माता सपने में फल प्रदान करती हैं l जिसका अर्थ होता है जल्द ही उन माताओं को संतान प्राप्ति होगी l

Tara Garh Palace

Taragarh Palace

Baijnath से 4 किलोमीटर दुरी पर स्थित Tara Garh बेहद खूबसूरत जगह है l ये जगह अपने खूबसूरत Tara Garh Palace    के लिए प्रसिद्ध है l यह महल कभी तारा रानी    का महल हुआ करता था l परन्तु अब यह महल अब एक शानदार हेरिटेज होटल में बदल चूका है l तारागढ़    में महल के अलावा बहुत से चाय के बगीचे हैं l जिनका नज़ारा काफी मनमोहक है साथ ही भारतीय सेना की छाबनी भी है l

Tashi Jong Monastery 

tashi Jong Monastery

बैजनाथ से 3 किलोमीटर दुरी पर Tashi Jong.  नाम का एक गांव है l इस गाँव में बुद्धिष्ट मठ है l जिसका नाम खांपागर मठ    है l यह मठ हिमाचल प्रदेश के बहुत कम धुआं मुक्त गांवों में से एक है। यह मठ 37 एकड़ में फैला है l जो तिब्बती बौद्ध धर्म के काग्यु ​​स्कूल का अनुसरण करता है।

Bir Billing Tourist Place

Bir Billing

Baijnath से 14 किलोमीटर की दुरी में एक बेहद खूबसूरत गाँव है l यह गाँव पुरे विश्व भर में पैराग्लाइडिंग के लिए मशूहर है l Bir Billing  में देखने के लिए बहुत सी जगह हैं,  जहाँ आप घूम सकते हो l Billing पैराग्लाइडिंग के लिए टेक ऑफ साइट है l  Billing  में आप पैराग्लाइडिंग के अलावा घने जंगलों का लुत्फ़ उठा सकते हैं l इसके अलावा Bir  में बहुत सी बुद्धिष्ट मोनेस्ट्री हैं, जहाँ आप घूमने जा सकते हो l

How To Reach Baijnath 
How To Reach Baijnath Temple By Train

अगर Baijnath Temple  आप ट्रैन के माध्यम से आना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बेहद रोमांचक होगा l इसके लिए आपको Pathankot Railway Station  पहुंचना होगा l Pathankot  से प्रतिदिन Paprola Baijnath के लिए 4-5 ट्रैन आती हैं l हालाँकि ट्रैन के सफर में थोड़ा समय ज्यादा लगता है l परन्तु छोटी ट्रैन का सफर आपको काफी रोमांचक करेगा l ज्यादातर ट्रैन Paprola  तक आती हैं l Paprola   से Baijnath 2 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है l हालाँकि Baijnath में भी रेलवे स्टेशन है l परन्तु Baijnath Railway Station  से Baijnath Temple  की दुरी भी 2 किलोमीटर ही है l इसलिए यात्री पपरोला    तक ही ट्रैन का सफर करते हैं l

How to Reach Baijnath Temple By  Air

अगर आप Baijnath Temple  हवाई यात्रा के माध्यम से जाना चाहते हैं,  तो इसके लिए आप Kangra के लिए फ्लाइट ले सकते हैं l अक्सर प्रतिदिन Delhi  से Kangra के लिए फ्लाइट्स आती हैं l Kangra  से Baijnath Mandir की दुरी लगभग 70 किलोमीटर है l काँगड़ा    से आप बस या टैक्सी के द्वारा बैजनाथ    आ सकते हैं l

How To Reach Baijnath Temple By Bus 

Baijnath Mandir  अगर आप बस के माध्यम से आना चाहते हैं, तो आप Baijnath  के लिए बस या टैक्सी ले सकते हैं l Bainath  के लिए लगभग सभी शहरों जैसे चंडीगढ़, दिल्ली, पठानकोट, शिमला, कुल्लू आदि शहरों से आप बैजनाथ के लिए डायरेक्ट बस ले सकते हैं l

Baijnath  Himachal Pradesh Map

Baijnath  Photo Gallery

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Baijnath :- The Land of Lord Shiva. . . . The magnificent piece of architecture of Baijnath Temple, Kangra, near Palampur, Himachal Pradesh !! . . Baijnath Temple Baijnath or Vaidyanath is a form (avatar) of Lord Shiva. In this avatar, Lord Shiva is known to be the 'Lord of Physicians'; in contemporary terms, he can be called a doctor, healing people of their miseries and sufferings. . . Yes, in the Baijnath temple, Shiva is worshipped as the 'God of Healing', and this is one of the popular temples in Himachal Pradesh. . . The ancient temple of Lord Shiva is situated here giving the town its name Baijnath. . . . One Of The Unique Jyotirlingas: Baijnath Temple In Himachal Pradesh . The list of the 12 jyothirlingas is not the same in few texts. The Vaidyanath (Baijnath) temple in Deoghar is considered as one of the jyotirlinga temples; but as per a few sacred texts, the Vaidyanath temple in Parli (Maharashtra) has been listed as one of the 12 jyotirlingas instead of this one. . . And another text says that Baijnath temple in Himachal Pradesh is one among the 12 jyotirlingas. So, there has been some confusion over this list. However, all three temples have a lot of significance locally and are believed to be very sacred. . . #lord #shiva #baijnathtemple #kedarnath #panchkedar #devokedevmahadev #mahadev #bholenath #shambhu #culture #temple #hinduism #sprituality #hindu #sanatandharma #dharma #karma #worldwide #love #music #_coi #_poi #templearchitecture #himachalpradesh #india #architecture #worldshotz #mandir #picoftheday #newoninsta

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